zinda rahne ka taqaza nahin chhodaa jaata | ज़िंदा रहने का तक़ाज़ा नहीं छोड़ा जाता

  - Ahmad Kamran
ज़िंदारहनेकातक़ाज़ानहींछोड़ाजाता
हमनेतुझकोनहींछोड़ानहींछोड़ाजाता
ऐनमुमकिनहैतिरेहिज्रसेमिलजाएनजात
क्याकरेंयारयेसहरानहींछोड़ाजाता
छोड़जातीहैबदनरूहभीजातेजाते
क़ैदसेकोईभीपूरानहींछोड़ाजाता
इसक़दरटूटकेमिलनेमेंहैनुक़सानकिजब
खेतप्यासेहोंतोदरियानहींछोड़ाजाता
छोड़नातुझकोमिरीजाँहैबहुतब'अदकीबात
हमसेतोशहरभीतेरानहींछोड़ाजाता
रौशनीख़ूबहैलेकिनमिरेहय्युन-ओ-क़य्यूम
यारअँधेरेमेंअकेलानहींछोड़ाजाता
  - Ahmad Kamran
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