ho ga.e muztar dekhte hi vo hilti zulfen phirti nazar ham | हो गए मुज़्तर देखते ही वो हिलती ज़ुल्फ़ें फिरती नज़र हम

  - Ahmad Husain Mail
होगएमुज़्तरदेखतेहीवोहिलतीज़ुल्फ़ेंफिरतीनज़रहम
देतेहैंदिलइकआफ़त-ए-जाँकोथा
मेंहुएहाथोंसेजिगरहम
ग़ैरकोगरवोप्यारकरेंगेअपनेलहूमेंहोंगेतरहम
डालहीदेंगेउनकेक़दमपरकाटकरअपनेहाथसेसरहम
सुल्हहुईतोनालेखींचेयूँँकरतेहैंसबकोख़बरहम
पीटतेहैंसीनेकाढिंढोरादेतेहैंदिलबार-ए-दिगरहम
औरमिलेंगेछोड़देंगेसुनकेसदा-ए-मुर्ग़-ए-सहरहम
हल्क़ादोनोंहाथकाअपनेडालरखेंगेगिर्द-ए-कमरहम
दिलकेअंदरतूरकेऊपरचश्म-ए-सनममेंऐनहरममें
तेरीहीसूरततेरीहीमूरतपूजनेजाएँतुझकोकिधरहम
राज़छुपतेतोआग़ाज़अच्छाभेदखुलेतोअंजामअच्छा
मिस्ल-ए-सिकंदरभेसबदलकरजातेहैंबनकरनामा-बरहम
अंदाज़ागोकरहीचुकेहैंजातीहैमुट्ठीमेंये
आजमगरबे-पर्दाकरेंगेदेखेंगेपतलीसीकमरहम
लातेहीकुछरंग-ए-जवानीआँखसेयूँँकींआँखनेबातें
आओदिखाएँसबकोघातेंशो'बदा-गरतुमजादूगरहम
कहतीहैंज़ुल्फ़ेंमुश्कींकसलेंकोईजोडालेहाथकमरमें
फैलकेसोओडरक्यातुमकोगश्तकरेंगेगिर्द-ए-कमरहम
लुत्फ़बड़ाहोऔरमज़ाहोइसकेएवज़गरआपकोपाएँ
बैठकेअपनेघरकेअंदरढूँढ़रहेहैंयारकाघरहम
तुमकोनज़ाकतऔरख़ुदादेहमकोलज़्ज़तऔरख़ुदादे
पाएँचेतुमचुटकीसेउठालोथा
मेंहुएचलतेहैंकमरहम
उठताजोबनझुकतीगर्दनदबतीबातेंरुकतीघातें
हाएक्यूँँसौजाँसेफ़िदाहोंइनचारोंपरउठफिरहम
सायाबनकरसाथचलेंगेसाथफिरेंगेसाथरहेंगे
अपनेघरमेंग़ैरकेदिलमेंजाओजिधरतुमआएँउधरहम
जल्दतुमउट्ठोदौड़केआओहमकोथामोहमकोसँभालो
गिरतेहैंमिस्ल-ए-अश्कज़मींपरउठतेहैंशक्ल-ए-दर्द-ए-जिगरहम
सबसेछुड़ाकरलाएउड़ाकरक्यारखेंगेदिलमेंछुपाकर
रहनेबसनेचलनेफिरनेतुमकोख़ुदाकादेंगेघरहम
मुँहजोखुलेगारंजबढ़ेगाहमसेबोलोहमकोछेड़ो
काहीदा-तनआज़ुर्दा-जानआशुफ़्ता-दिलख़स्ता-जिगरहम
येतोछपर-खटछोटासाहैपहलूमेंतुमसोओगेक्यूँँकर
आओलिटालेंसीनेपरहमतुमकोसुलालेंछातीपरहम
रंजगरआयाहोतोभुलादेप्यारबढ़ादेहमसेमिलादे
उनकीनिगहसेतोगिरतोचुकेहैंजाएँयारबदिलसेउतरहम
देखकेउनकाजौबनउभरामैंनेकहायेमालहैअच्छा
बोलेवोक्यातुमलूटहीलोगेगोदमेंयूँँजाएँअगरहम
ठहरीहैबाहमलुत्फ़कीबाज़ीपहलेजोपाएजीतउसीकी
वस्लकीशबहैढूँढ़रहेहैंदिलवोहमाराउनकीकमरहम
रोज़नएदिललाएँकहाँसेऐसेतोहफ़ेपाएँकहाँसे
चाटपड़ीहैतुमकोदिलोंकीलूटनेजाएँकिसकाघरहम
ग़ैरकेबरमेंउनकोदेखाख़ाकमेंजाएऐसानज़ारा
हाथमेंकम-बख़्तनहींसकतातोड़तेवर्नातार-ए-नज़रहम
नश्व-ओ-नुमापाईहैदकनमेंक़द्रहमारीक्यूँँकरहोगी
घरकीमुर्ग़ीदालबराबरकिसकोदिखाएँअपनाहुनरहम
क्यूँँकरेदीवानाकिसीकोशर्मकीआदतहुस्नकीशोख़ी
होगए'माइल'देखकेमाइलउठताजोबनझुकतीनज़रहम
  - Ahmad Husain Mail
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