udhar ki shay idhar kar dii gaii hai | उधर की शय इधर कर दी गई है

  - Ahmad Hamesh
उधरकीशयइधरकरदीगईहै
ज़मींज़ेर-ओ-ज़बरकरदीगईहै
येकालीरातहैदो-चारपलकी
येकहनेमेंसहरकरदीगईहै
तआरुफ़कोज़राफैलादियाहै
कहानीमुख़्तसरकरदीगईहै
पूछोकैसेगुज़रीउम्रसारी
ज़रामेंउम्रभरकरदीगईहै
इबादतमेंबसरकरनीथीलेकिन
ख़राबोंमेंबसरकरदीगईहै
कईज़र्रातबाग़ीहोचुकेहैं
सितारोंकोख़बरकरदीगईहै
वोमेरीहम-क़दमहोनेपाई
जोमेरीहम-सफ़रकरदीगईहै
हमारेजुगनुओंसेदुश्मनीथी
ज़रापहलेसहरकरदीगईहै
  - Ahmad Hamesh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy