din se bichhdi hui baaraat li.e phirti hai | दिन से बिछड़ी हुई बारात लिए फिरती है

  - Ahmad Fareed
दिनसेबिछड़ीहुईबारातलिएफिरतीहै
चाँदतारोंकोकहाँरातलिएफिरतीहै
येकहींउसकेमज़ालिमकामुदावाहीहो
येजोपत्तोंकोहवासाथलिएफिरतीहै
चलतेचलतेहीसहीबाततोकरलीजाए
हमकोदुनियामेंयहीबातलिएफिरतीहै
लम्हालम्हातिरीफ़ुर्क़तमेंपिघलतीहुईउम्र
गर्मी-ए-शौक़-ए-मुलाक़ातलिएफिरतीहै
वर्नाहमशहर-ए-गुल-आज़ारमेंकबआतेथे
येतोहमकोभरी-बरसातलिएफिरतीहै
जिसतरफ़सेमैंगुज़रताभीनहींथापहले
अबवहींगर्दिश-ए-हालातलिएफिरतीहै
  - Ahmad Fareed
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