ख़ामोशहोक्यूँँदाद-ए-जफ़ाक्यूँँनहींदेते
बिस्मिलहोतोक़ातिलकोदु'आक्यूँँनहींदेते
वहशतकासबबरौज़न-ए-ज़िंदाँतोनहींहै
मेहरओमहओअंजुमकोबुझाक्यूँँनहींदेते
इकयेभीतोअंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँहै
ऐचारागरोदर्दबढ़ाक्यूँँनहींदेते
मुंसिफ़होअगरतुमतोकबइंसाफ़करोगे
मुजरिमहैंअगरहमतोसज़ाक्यूँँनहींदेते
रहज़नहोतोहाज़िरहैमता-ए-दिल-ओ-जाँभी
रहबरहोतोमंज़िलकापताक्यूँँनहींदेते
क्याबीतगईअबके'फ़राज़'अहल-ए-चमनपर
यारान-ए-क़फ़समुझकोसदाक्यूँँनहींदेते