bhed paa.e to rah-e-yaar men gum ho jaayen | भेद पाएँ तो रह-ए-यार में गुम हो जाएँ

  - Ahmad Faraz
भेदपाएँतोरह-ए-यारमेंगुमहोजाएँ
वर्नाकिसवास्तेबे-कारमेंगुमहोजाएँ
क्याकरेंअर्ज़-ए-तमन्नाकितुझेदेखतेही
लफ़्ज़पैराया-ए-इज़हारमेंगुमहोजाएँ
येहोतुमभीकिसीभीड़मेंखोजाओकहीं
येहोहमकिसीबाज़ारमेंगुमहोजाएँ
किसतरहतुझसेकहेंकितनाभलालगताहै
तुझकोदेखेंतेरेदीदारमेंगुमहोजाएँ
हमतिरेशौक़मेंयूँँख़ुदकोगँवाबैठेहैं
जैसेबच्चेकिसीत्यौहारमेंगुमहोजाएँ
पेचइतनेभीदोकिर्मक-ए-रेशमकीतरह
देखनासरहीदस्तारमेंगुमहोजाएँ
ऐसाआशोब-ए-ज़मानाहैकिडरलगताहै
दिलकेमज़मूँहीअशआ'रमेंगुमहोजाएँ
शहरयारोंकेबुलावेबहुतआतेहैं'फ़राज़'
येहोआपभीदरबारमेंगुमहोजाएँ
  - Ahmad Faraz
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