sochta hooñ yahaañ kis se hai shanaasaai mirii | सोचता हूँ यहाँ किस से है शनासाई मिरी

  - Ahmad Fakhir
सोचताहूँयहाँकिससेहैशनासाईमिरी
वहीवीराँसामकाँहैवहीतन्हाईमिरी
जिसकीज़ुल्फ़ोंमेंलगायाहैमोहब्बतकागुलाब
काग़ज़ीफूलोंसेकरताहैपज़ीराईमिरी
इसदरीचेमेंनहींदेखनेवालाकोई
वोतमाशाहूँकिहैख़ल्क़तमाशाईमिरी
बंद-ए-ग़मटूटकेअशआ'रमेंबहनिकलाहै
क़र्येक़र्येमेंहुईजातीहैरुस्वाईमिरी
दिलकेफ़ानूसमेंजलउठतीहैंशमएँ'फ़ाख़िर'
दर्दआताहैजोकरनेकीपज़ीराईमिरी
  - Ahmad Fakhir
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