khizaan ka sog ya jashn-e-bahaar karte hue | ख़िज़ाँ का सोग या जश्न-ए-बहार करते हुए

  - Ahmad Azeem
ख़िज़ाँकासोगयाजश्न-ए-बहारकरतेहुए
कटीहैउम्रतिराइंतिज़ारकरतेहुए
शरफ़येसिर्फ़मुक़द्दरथाआइनेकेलिए
किदेखतारहातुझकोसिंघारकरतेहुए
सफ़रकीशामकामंज़रलहूमेंडूबगया
सभीमलूलथेतुझकोसवारकरतेहुए
लहूबुझासकाक़ातिलोंकीप्यासकभी
थकीशम्अपतंगेशिकारकरतेहुए
बनाओआबपेइकयादगारउनकी'अज़ीम'
जोग़र्क़होगएदरियाकोपारकरतेहुए
  - Ahmad Azeem
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