aalam-e-zaat men jhaanko koi kab achha hai | आलम-ए-ज़ात में झाँको कोई कब अच्छा है

  - Ahmad Aqeel
आलम-ए-ज़ातमेंझाँकोकोईकबअच्छाहै
देखनेवालेसमझतेहैंकिसबअच्छाहै
रोनेलगताहूँतोआतेहैंदिलासेदेने
शे'रपढ़ताहूँतोकहतेहैंअजबअच्छाहै
जानताहूँतूकिसीऔरसेमिलकरख़ुशहै
चलतिरेप्यारमेंमरनेकासबबअच्छाहै
जबफ़क़ीरोंकीभीकिरदार-कुशीकीतूने
कैसेमानेगाकोईतेरानसबअच्छाहै
हालपूछाथाकिसीनेतिरेदीदारकेबा'द
बाएँपहलूकोदबायाकहाअबअच्छाहै
आख़िरीबारमिलाबैठारहासारीरात
जानेवालेकीइनायातकाढबअच्छाहै
तूवोदीपकहैकिशैदाईहज़ारोंजिसके
मुझसेबे-यार-ओ-मददगारकारबअच्छाहै
  - Ahmad Aqeel
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