ratjagon ki saltanat taskheer kar | रतजगों की सल्तनत तस्ख़ीर कर

  - Ahmad Ameer Pasha
रतजगोंकीसल्तनततस्ख़ीरकर
कुछदिएकानामभीतहरीरकर
हैहिसार-ए-ज़ातकेबाहरशिकस्त
तूमिरेअंदरमुझेता'मीरकर
फुर्क़तोंकाज़हरमुझकोपचगया
गर्दिश-ए-दौराँमिरीतौक़ीरकर
याबदनकीक़ैदसेआज़ादकर
याकिसीग़मसेमुझेज़ंजीरकर
ख़्वाबआँखोंमेंअगररक्खेहैंतू
फिरहथेलीपरभीकुछतहरीरकर
कुछदिएकेदुखसुनामुझको'अमीर'
कुछहवाकेनामभीतहरीरकर
  - Ahmad Ameer Pasha
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