हमसेतोराह-ओ-रस्महैअग़्यारकीतरह
दुनियापेमेहरबानहैंग़म-ख़्वारकीतरह
कम-माएगीनपूछमिरीबज़्म-ए-ग़ैरमें
उठतीहैहरनिगाहख़रीदारकीतरह
मैंताजिरान-ए-इश्क़केबारेमेंक्याकहूँ
इनकाजुनूँहैगर्मी-ए-बाज़ारकीतरह
ख़ुद-साख़्ताबुतोंकोमैंअबतोड़-ताड़कर
पूजूँगाबसउसीकोपरस्तारकीतरह
ज़ौक़-ए-नज़रकोआपसमझतेहैंगरगुनाह
नादिमखड़ाहूँमैंभीगुनहगारकीतरह
देखीहैमैंनेशाख़सेपत्तोंकीरुख़्सती
जानेनदूँगाअबतुझेहरबारकीतरह
ज़ाद-ए-सफ़रकीफ़िक्रनमंज़िलकाहोख़याल
राह-ए-तलबमेंआओतलबगारकीतरह
चाहाहैतुमकोयूँँकितुम्हेंभीख़बरनहो
सोचाहैतुमकोअन-कहेअशआ'रकीतरह
कहनेकोकोईबंद-ओ-सलासिलनहींमगर
सबहैंफ़सील-ए-जाँमेंगिरफ़्तारकीतरह
'आदिल'रुख़-ए-निगारनहींदिलकाआइना
इक़रार-ए-ख़ासहोताहैइंकारकीतरह