rukhsaar ke partav se bijli ki nayi dhaj hai | रुख़्सार के परतव से बिजली की नई धज है

  - Agha Shayar Qazalbash
रुख़्सारकेपरतवसेबिजलीकीनईधजहै
क्यूँँआँखझपकतीहैक्यासामनेसूरजहै
दुनियाकीज़मीनोंसेचर्ख़तूक्यावाक़िफ़
इकइकयहाँपिन्हाँकावुसहैईरजहै
दरवाज़ेपेउसबुतकेसौबारहमेंजाना
अपनातोयहीकाबाअपनातोयहीहजहै
अबरू-ए-जानाँतूइतनातोबताहमको
किसरुख़सेकरेंसज्दाक़िबलेमेंज़राकजहै
इंसाफ़करोलोगोंइंसाफ़करोप्यारो
'शाइर'कीज़मानेमेंदुनियासेनईधजहै
  - Agha Shayar Qazalbash
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