maskan wahin kahii hai wahin aashiyaan kahii | मस्कन वहीं कहीं है वहीं आशियाँ कहीं

  - Agha Shayar Qazalbash
मस्कनवहींकहींहैवहींआशियाँकहीं
दोआड़ेसीधेरखलिएतिनकेजहाँकहीं
फूलोंकीसेजफूलोंकीहैंबद्धियाँकहीं
काँटोंपेहमतड़पतेहैंआसमाँकहीं
जातेकिधरहोतुमसफ़-ए-महशरमेंख़ैरहै
दामनहोख़ुदाकेलिएधज्जियाँकहीं
पहराबिठादियाहैयेक़ैद-ए-हयातने
सायाभीसाथसाथहैजाऊँजहाँकहीं
बसमुझकोदादमिलगईमेहनतवसूलहै
सुनलेग़ज़लयेबुलबुल-ए-हिन्दुस्ताँकहीं
'शाइर'वोआजफिरवहींजातेहुएमिले
दुश्मनकेसरपेटूटपड़ेआसमाँकहीं
  - Agha Shayar Qazalbash
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