fasl-e-gul men hai iraada soo-e-sehraa apna | फ़स्ल-ए-गुल में है इरादा सू-ए-सहरा अपना

  - Agha Hajju Sharaf
फ़स्ल-ए-गुलमेंहैइरादासू-ए-सहराअपना
रंगक्यादेखिएदिखलाताहैसौदाअपना
इश्क़मेंहमजोमिटातेहैंकिसीकोक्याकाम
जानअपनीहैदिलअपनाहैकलेजाअपना
आहहमकरतेहैंयारकेमहफ़िलवालो
दोनोंहाथोंसेजिगरथामलोअपनाअपना
पूछतेक्याहोजुदाईमेंजोगुज़रीगुज़री
तुमकोमालूमहैसबहालकहेंक्याअपना
कोईमुश्ताक़रहाजल्वाकिसीनेदेखा
इसकोक्याकीजिएमक़्सूमहैअपनाअपना
ज़िंदगीशर्तहैक्यादर्द-ए-जिगरसेहोगा
अपनेहक़मेंतोदमअपनाहैमसीहाअपना
कामआयाअमल-ए-नेकमिरातुर्बतमें
लिल्लाहिल-हम्दकिइकदोस्ततोनिकलाअपना
पूछतेहैंजोकोईनाममिरालेताहै
जानतेहैंवोमुझेआशिक़-ए-शैदाअपना
नज्दमेंदर्द-ए-जिगरक़ैसबयाँकरताहै
ख़ूबहीरोएगीदिलथामकेलैलाअपना
शहरसभागतेहैंदश्तमेंघबरातेहैं
दिलबहलताहीनहींअबतोकिसीजाअपना
एड़ियाँमुझसेरगड़वाएगीमजनूँकीतरह
नामरक्खाहैशब-ए-वस्लनेलैलाअपना
'शरफ़'ख़ैरतोहैहालहैक्यूँँसकतेका
आइनालेकेज़रादेखोतोचेहराअपना
  - Agha Hajju Sharaf
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