chaahiyein mujh ko nahin zarrein qafas ki putliyaan | चाहिएँ मुझ को नहीं ज़र्रीं क़फ़स की पुतलियाँ

  - Agha Hajju Sharaf
चाहिएँमुझकोनहींज़र्रींक़फ़सकीपुतलियाँ
आशियाँजानूँजोहोवेंख़ार-ओ-ख़सकीपुतलियाँ
होगईंबे-रंगजबअगलेबरसकीपुतलियाँ
ख़ूनरोकरहमनेकींरंगींक़फ़सकीपुतलियाँ
हैयेफ़ौलादीक़फ़समुझना-तवाँकाक्याकरूँँ
किसतरहतोड़ूँनहींहैंमेरेबसकीपुतलियाँ
क्याख़ुदाकीशानहैआतीहैजबफ़स्ल-ए-बहार
सबहरीहोजातीहैंमेरेक़फ़सकीपुतलियाँ
जबकभीकुंज-ए-क़फ़समेंकीहैमैंनेआह-ए-गर्म
मोमहोकरबहगईहैंपेश-ओ-पसकीपुतलियाँ
घरक़फ़सकोमैंसमझताहूँअसीरीकोमुराद
जानताहूँअपनीआहोंकोहवसकीपुतलियाँ
पटरियाँमेरेक़फ़सकीशाख़-ए-गुलसेकमनहीं
लोचयेदेखादेखींऐसीरसकीपुतलियाँ
गूँजनेलगताहैयेभीजबफ़ुग़ाँकरताहूँमैं
नस्बहैंमेरेक़फ़समेंक्याजरसकीपुतलियाँ
देखिएशौक़-ए-असीरीमेंजकड़नेकेलिए
होगईंरेशमकालच्छासबक़फ़सकीपुतलियाँ
रोरहीहैदेखकरलैलाजोउसको'शरफ़'
पसलियाँमजनूँकीहैंमेरेक़फ़सकीपुतलियाँ
  - Agha Hajju Sharaf
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