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Afzal Sultanpuri
musalmaan ab hue hain sab hazaaron saal kaafir the
musalmaan ab hue hain sab hazaaron saal kaafir the | मुसलमाँ अब हुए हैं सब हजारों साल काफ़िर थे
- Afzal Sultanpuri
मुसलमाँ
अब
हुए
हैं
सब
हजारों
साल
काफ़िर
थे
मिली
दुनिया
सज़ा
में
ही
सफ़र
के
हम
मुसाफ़िर
थे
- Afzal Sultanpuri
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न
मंज़िलों
को
न
हम
रहगुज़र
को
देखते
हैं
अजब
सफ़र
है
कि
बस
हम-सफ़र
को
देखते
हैं
Ahmad Faraz
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ज़िंदगी
अपना
सफ़र
तय
तो
करेगी
लेकिन
हम-सफ़र
आप
जो
होते
तो
मज़ा
और
ही
था
Ameeta Parsuram Meeta
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मुसाफ़िरों
से
कहो
अपनी
प्यास
बाँध
रखें
सफ़र
की
रूह
में
सहरा
कोई
उतर
चुका
है
Aziz Nabeel
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अभी
से
पाँव
के
छाले
न
देखो
अभी
यारो
सफ़र
की
इब्तिदा
है
Ejaz Rahmani
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फूल
से
लेकर
ये
धनिया
लाने
तक
के
इस
सफ़र
को
मुझको
तेरे
साथ
ही
तय
करने
की
ख़्वाहिश
है
पगली
Harsh saxena
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अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
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अपनी
मर्ज़ी
से
कहाँ
अपने
सफ़र
के
हम
हैं
रुख़
हवाओं
का
जिधर
का
है
उधर
के
हम
हैं
Nida Fazli
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मैं
लौटने
के
इरादे
से
जा
रहा
हूँ
मगर
सफ़र
सफ़र
है
मिरा
इंतिज़ार
मत
करना
Sahil Sahri Nainitali
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रास्ता
सोचते
रहने
से
किधर
बनता
है
सर
में
सौदा
हो
तो
दीवार
में
दर
बनता
है
Jaleel 'Aali'
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वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
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ज़मीं
पर
जब
हुकूमत
हो
रही
थी
रिसालत
की
क़यादत
हो
रही
थी
नफ़ा
नुकसान
समझा
जा
रहा
है
मोहब्बत
में
तिजारत
हो
रही
थी
सफ़र
होता
मुकम्मल
किस
तरह
से
मुसलसल
जब
ख़िलाफ़त
हो
रही
थी
क़बीला
लुट
गया
कोई
न
आया
कहाँ
थे
जब
अज़ीयत
हो
रही
थी
लगा
के
आग
ख़ुश
शैतान
इतना
कहा
मेरी
हिमायत
हो
रही
थी
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Afzal Sultanpuri
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नये
कपड़े
ख़रीदे
जा
चुके
हैं
मुबारक
हो
मुबारक
ईद
तुमको
Afzal Sultanpuri
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है
बड़ा
ही
अजीब
सा
मंज़र
घाव
भी
कर
नहीं
सका
ख़ंजर
Afzal Sultanpuri
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हाए
इज़हार
करके
पछताए
यार
हम
प्यार
करके
पछताए
Afzal Sultanpuri
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अपने
ख़्वाबों
पे
शे'र
लिख
देना
या
सराबों
पे
शे'र
लिख
देना
यार
पर्दा
अज़ीज
है
उनको
बा-हिजाबों
पे
शे'र
लिख
देना
कौन
है
दोस्त
कौन
है
दुश्मन
बे-नक़ाबों
पे
शे'र
लिख
देना
वो
कली
हैं
गुलाब
की
अफ़ज़ल
उन
गुलाबों
पे
शे'र
लिख
देना
ख़ाक
में
मिल
गई
मिरी
ख़्वाहिश
सारे
बाबों
पे
शे'र
लिख
देना
कब
तलक
और
चुप
रहूँगा
मैं
इंक़िलाबों
पे
शे'र
लिख
देना
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Afzal Sultanpuri
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