ha | हमें क्यूँ आज़माया जा रहा है

  - Afzal Sultanpuri
हमेंक्यूँआज़मायाजारहाहै
हमाराप्यारज़ाया'जारहाहै
इधरहमयादकरनेमेंलगेहैं
उधरहमकोभुलायाजारहाहै
दिलोंकोग़मबहुतमिलनेलगाहै
जानेक्यूँसतायाजारहाहै
यहाँसेभेजतारहताहूँपैसे
मगरबिलहीबकायाजारहाहै
तुम्हेंफिररोकनाकैसेनहींहो
दिलोंपेज़ोरढायाजारहाहै
  - Afzal Sultanpuri
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