aashna shakl na-aashnaa aadmi | आश्ना शक्ल ना-आश्ना आदमी

  - Afzal Husain Afzal
आश्नाशक्लना-आश्नाआदमी
ख़ुद-फ़रेबीमेंहैमुब्तलाआदमी
जानेकिनकिनइनायातसेटूटकर
झेलताहैशिकस्त-ए-अनाआदमी
कितनामुश्किलहैमर्दुम-शनासीकाफ़न
कितनाघाइलथावोमसख़राआदमी
किससेअहवालकीकोईपुर्सिशकरे
दौड़ताभागताहादसाआदमी
इकहबाब-ए-रवाँमौज-ए-सय्यालपर
हैमगरकिसक़दरख़ुद-नुमाआदमी
यूँँतअ'ल्लुक़-शिकनहैयेतहज़ीब-ए-नौ
बनगयाइकजज़ीरा-नुमाआदमी
ढूँडलाएथेदैर-ओ-हरमसेअभी
फिरकहाँखोगयासर-फिराआदमी
अपनेमस्लककावोआख़िरीफ़र्दथा
खोटीदुनियामें'अफ़ज़ल'खराआदमी
  - Afzal Husain Afzal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy