luta raha hooñ main laal-o-guhar andhere men | लुटा रहा हूँ मैं लाल-ओ-गुहर अँधेरे में

  - Afzal Allahabadi
लुटारहाहूँमैंलाल-ओ-गुहरअँधेरेमें
तलाशकरतीहैकिसकोनज़रअँधेरेमें
वोजिसकीराहमेंमैंनेदिएजलाएथे
गयावोशख़्समुझेछोड़करअँधेरेमें
चराग़कौनउठालेगयामिरेघरसे
सिसकरहेहैंमिरेबाम-ओ-दरअँधेरेमें
थातीरगीकेजनाज़ेपेएकहश्रबपा
जोउसकेआनेसेफैलीख़बरअँधेरेमें
कोईहथेलीपेफिरताहैआफ़्ताबलिए
भटकरहाहैकोईदर-ब-दरअँधेरेमें
मेंकोह-ए-नूरहूँनादाँतुझेख़बरभीनहीं
मुझेछुपानेकीकोशिशकरअँधेरेमें
मुसाफिरोंकोवोराहेंदिखाएगा'अफ़ज़ल'
चराग़रखदोसर-ए-रहगुज़रअँधेरेमें
  - Afzal Allahabadi
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