talaash-e-qafiya men umr sab guzaari hai | तलाश-ए-क़ाफ़िया में उम्र सब गुज़ारी है

  - Aftab Shamsi
तलाश-ए-क़ाफ़ियामेंउम्रसबगुज़ारीहै
तूपुख़्तगीजिसेकहताहैख़ामकारीहै
सभीहैंअपनेमगरअजनबीसेलगतेहैं
येज़िंदगीहैकिहोटलमेंशबगुज़ारीहै
वोसारेदिनरहादफ़्तरमेंऔररातढले
नज़रकेकासेमेंइकख़्वाबकाभिकारीहै
कुछऐसाबिछड़ाहूँख़ुदसेकिमिलनहींसकता
अगरचेकामब-ज़ाहिरयेइख़्तियारीहै
जानेक्यूँँमिरीआँखोंमेंचुभरहीहैआज
सफ़ेदसारीपेजोयेसियाहधारीहै
मुझेक्लासमेंअक्सरयेक़ौलयादआया
वोकामयाबमोअल्लिमहैजोमदारीहै
  - Aftab Shamsi
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