मैंसोचताहूँअगरइसतरफ़वोआजाता
चराग़-ए-उम्रकीलौइकज़राबढ़ाजाता
अजीबभूल-भुलय्याँहैरास्तादिलका
यहाँतोख़िज़्रभीहोतातोडगमगाजाता
सोअपनेहाथसेदींभीगयाहैदुनियाभी
किइकसिरेकोपकड़तेतोदूसराजाता
मगरनहींहैवोमसरूफ़-ए-नाज़इतनाभी
कभीकभीतोकोईराब्ताकियाजाता
कभीवोपासबुलातातोयेदिल-ए-दरवेश
बसइकइशारा-ए-अबरूपेझूमताजाता
पलटरहाहूँउसीयार-ए-मेहरबाँकीतरफ़
अबइसक़दरभीनहींबे-वफ़ाहुआजाता
पलटगयाइन्हींक़दमोंसे'आफ़्ताब-हुसैन'
कहाँतलकवहीहालातदेखताजाता