gaanthi hai us ne dosti ik pesh-imaam se | गाँठी है उस ने दोस्ती इक पेश-इमाम से

  - Adil Mansuri
गाँठीहैउसनेदोस्तीइकपेश-इमामसे
'आदिल'उठालोहाथदुआ-ओ-सलामसे
पानीनेरास्तादियाजान-बूझकर
ग़ोतेलगाएफिरभीरहेतिश्ना-कामसे
मैंउसगलीसेसरकोझुकाएगुज़रगया
चिलगोज़ेफेंकतीरहीवोमुझपेबामसे
वोकौनथाजोदिनकेउजालेमेंखोगया
येचाँदकिसकोढूँडनेनिकलाहैशामसे
कोनेमेंबादशाहपड़ाऊँघतारहा
टेबलपेरातकटगईबेगमग़ुलामसे
नश्शासाडोलताहैतिरेअंगअंगपर
जैसेअभीभिगोकेनिकालाहोजामसे
  - Adil Mansuri
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