zindagi se yahii shikaayat hai | ज़िंदगी से यही शिकायत है

  - Prashant Kumar
ज़िंदगीसेयहीशिकायतहै
तूकिसीऔरकीअमानतहै
अभीलेजाऊँगाभगाकरमैं
मुझेतुझसेेबहुतमोहब्बतहै
तूतोकोईजवाबदेयादे
मेरेदिलपेतिरीहुकूमतहै
सुनलेडरतानहींकिसीसेमैं
झुककेरहनामिरीशराफ़तहै
पहलेजैसेकहाँहैंदीवाने
हरतरफ़बिकरहीमोहब्बतहै
क्याहुआइकदिलऔरटूटगया
बे-वफ़ाईतोतेरीआदतहै
  - Prashant Kumar
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