vo nazar kya ki ishaara na ho jis | वो नज़र क्या कि इशारा न हो जिस

  - Prashant Kumar
वोनज़रक्याकिइशाराहोजिस
में
हुस्नहीक्यावोनज़ाराहोजिस
में
वोतोइतिहासअरेकुछभीनहींहै
दर्जअगरनामहमाराहोजिस
में
सामनेबातकलउस्तादकेरखियो
वोख़ताक्याकिख़साराहोजिस
में
तुमकमातेहोहज़ारोंयेबताओ
क्याकमानावोगुज़ाराहोजिस
में
येबताओहमेंहुक्काम-ए-ज़िलावो
जुर्मक्याहाथतुम्हाराहोजिस
में
  - Prashant Kumar
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