tiri baat theek hai maanta hooñ charaaghh hooñ main jala hua | तिरी बात ठीक है मानता हूँ चराग़ हूँ मैं जला हुआ

  - Prashant Kumar
तिरीबातठीकहैमानताहूँचराग़हूँमैंजलाहुआ
मगरआँधियोंमेंघिराहुआहूँकिख़ूनमेंहूँसनाहुआ
मुझेलगरहामिरेहाथपरहैगुल-ए-बहिश्तकीरौशनी
मगरआपकहतेहैंहाथमेरासुरींकेनीचेरखाहुआ
वोचलागयामुझेतोड़करमुझेबीचराहमेंछोड़कर
जोगलेलगाकेयेकहरहामैंतिरीक़समसेक़बाहुआ
किबिनाहिलाएबिनाडुलाएयेजामकैसेछलकगया
मुझेलगरहाकोईभूतबनकेफ़िराकमेंहैलगाहुआ
वोयेकहरहेअभीरहाहूँबसएकपलमेंहीलौटकर
मिरीउम्रपूरीगुज़रगईइसीराहमेंहूँखड़ाहुआ
  - Prashant Kumar
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