saara jahaan raqeeb bina baat ka raha | सारा जहाँ रक़ीब बिना बात का रहा

  - Prashant Kumar
साराजहाँरक़ीबबिनाबातकारहा
बेकारसिलसिलाहीमुलाक़ातकारहा
दोनोंजहाँमेंग़र्क़हुआमेराझोपड़ा
क्यादौरयाररातकीबरसातकारहा
इंसानकीबतामुझेहोतीहैक़ौमक्या
दुश्मनहरएकशख़्समिरीज़ातकारहा
मैंदेशक्याविदेशमेंभीरहकरगया
चाल-ओ-चलनमगरमिरादेहातकारहा
लाएक़नहींथाजिसकेजोउसनेवहीलिया
मैंहीग़रीबथागिलाइसबातकारहा
  - Prashant Kumar
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