yaar kaisi nazar churaai hai | यार कैसी नज़र चुराई है

  - Prashant Kumar
यारकैसीनज़रचुराईहै
देखतोजानपेबनआईहै
मानलेबातभूलजामुझको
अबइसीमेंतिरीभलाईहै
कररहाहैशराबकीज़िददिल
या'नीअबतेरीयादआईहै
हमदिवानेसेबनगएजोगी
येतुम्हारीहीबे-वफ़ाईहै
मौतहीमौतदिखरहीयाँतो
ज़िंदगीतूकहाँलेआईहै
उम्रलंबीहोयेदु'आभीकी
मारनेकीक़समभीखाईहै
दहरमेंकुछनहींबचाहैअब
मैंबचाहूँमेरीजुदाईहै
रोज़दंगाफ़सादहोताहै
क्यायहीतेरीपारसाईहै
बोलतेहीकहाँहैंमुझसेेवो
मेरीऔरउनकीअबलड़ाईहै
  - Prashant Kumar
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