jab unhen be-naqaab karte hain | जब उन्हें बे-नक़ाब करते हैं

  - Prashant Kumar
जबउन्हेंबे-नक़ाबकरतेहैं
इश्क़कोकामयाबकरतेहैं
कररहेसबगुलाबकोकाँटे
हमतोकाँटेगुलाबकरतेहैं
रोज़बे-वक़्तघरपरआतेहैं
काममेराख़राबकरतेहैं
कुछनहींदेखतेबड़ाछोटा
अबकेबच्चेजवाबकरतेहैं
आजकेलोगकुछनहींकरते
ज़िंदगीकोख़राबकरतेहैं
सचमेंजोलोगकहनहींपाते
प्यारवोबे-हिसाबकरतेहैं
हममोहब्बतबयाँनहींकरते
हाँमगरबे-हिसाबकरतेहैं
मुस्कुराकेमिरीतरफ़कुछलोग
मेरीआदतख़राबकरतेहैं
वोज़मानेकोसाथलातेहैं
हमअकेलेहिसाबकरतेहैं
मतबिठायाकरोउन्हेंघरमें
वोक़बीलाख़राबकरतेहैं
  - Prashant Kumar
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