qais ko heer ka har rog puraana de doon | क़ैस को हीर का हर रोग पुराना दे दूँ

  - Prashant Kumar
क़ैसकोहीरकाहररोगपुरानादेदूँ
इसमोहब्बतकोकोईनामसुहानादेदूँ
सद्र-ए-दीवानबतातुझकोअगरहोमंज़ूर
तोफ़क़ीरोंकोमैंसरकारीख़ज़ानादेदूँ
क्याकरूँँयारयेरोटीतोबहुतमहँगीहै
फिरज़मानेकोहुनरनेकीकमानादेदूँ
ज़ख़्मदेनेकातुझे'इल्ममिलाहैअबतक
मिरेपासहुनरज़ख़्ममिटानादेदूँ
यारख़ैरातकेघरतोइनअमीरोंमेंबँटे
तूफ़क़ीरोंकोबुलाख़ुदकाठिकानादेदूँ
  - Prashant Kumar
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