mujhe abhii tak samajh na aaya mughalata par yaqeen kyun hai | मुझे अभी तक समझ न आया मुग़ालता पर यक़ीन क्यूँँ है

  - Prashant Kumar
मुझेअभीतकसमझआयामुग़ालतापरयक़ीनक्यूँँहै
अगरकहींभीख़ुदानहींहैतोफिरख़ुदापरयक़ीनक्यूँँहै
तिरेहीमुँहसेसुनाहैमैंनेमैंबे-वफ़ाहूँमैंबे-वफ़ाहूँ
मैंबे-वफ़ाहूँतोइसजहाँकोमिरीवफ़ापरयक़ीनक्यूँँहै
अगरसभीकोमैंबद्दुआदेरहाहूँतोयेबताओहमदम
जोजीरहेहैंमिरीदु'आसेउन्हेंदु'आपरयक़ीनक्यूँँहै
तिरेइधरभीमिरेइधरभीसभीपुजारीवफ़ाकेहीहैं
तोयेबतादेकिइनसभीकोकफ़ा-जफ़ापरयक़ीनक्यूँँहै
मुझेबतादेकहाहैकिसनेकिभूतहोतेनहींकहींभी
तोखेलतेक्यूँँहैंलोगइधरकेइन्हेंहवापरयक़ीनक्यूँँहै
  - Prashant Kumar
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