मय-ख़ाना-ए-हस्तीकाक्यादौरख़राबआया
काग़ज़पेशराबआईहाथोंमेंकबाबआया
दीदारकेवक़्तउनकीयेबातचुभीहमको
सालोंमेंतोआएथेसालोंमेंहिजाबआया
हमकाममहीनोंकासेकेंडमेंकरतेहैं
नज़रेंहीमिलीथींबसइतनेमेंगुलाबआया
मिलनेकेबहानेसेकलहमकोबुलायाथा
फिरबातकीशादीकीघरसेभीजवाबआया
मंज़ूरनहींकरतेफिरमेरीनिशानीक्यूँँ
मक़बूलनहींहूँयाग़ैरोंकाजवाबआया
किरदारतोहैयकतातेराकि'प्रशांत'आ'ला
तूजबभीजहाँआयाबनकरकेनवाबआया