kuchh jagah bheega hua kuchh kuchh jagah simtaa hua | कुछ जगह भीगा हुआ कुछ कुछ जगह सिमटा हुआ

  - Prashant Kumar
कुछजगहभीगाहुआकुछकुछजगहसिमटाहुआ
जबभीउसकाख़तमिलातोख़ूनमेंलिक्खाहुआ
यादअभीतकरहेहैंआशिक़ीकेदिनहमें
बाहोंमेंलेटेहुएसरजाँघपररक्खाहुआ
जबतुम्हाराहाथमाँगातबतोदेवाथेनहीं
क्याकरोगेदेकरअबरिश्तामिरापक्काहुआ
दिलकिसीकीयादकामाराहुआसालगरहा
हरकिसीसेकहरहाहैयारतूमेराहुआ
जबतुम्हेंदिलदेरहेथेतबतोलेवाथेनहीं
क्याकरोगेलेकरअबसौदामिरापक्काहुआ
ख़ुशरहेफूले-फलेमर्ज़ीजहाँचाहेरहे
सोगयामैंकलज़मानेकोदु'आदेताहुआ
  - Prashant Kumar
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