aankhoñ se hoke dil men samaaye ye sochte | आँखों से होके दिल में समाए ये सोचते

  - Prashant Kumar
आँखोंसेहोकेदिलमेंसमाएयेसोचते
ख़ुदहीवफ़ाकीआगलगाएयेसोचते
वोसोचताहैहमसेेभीरोयाजाएगा
हमबाग़-ए-ख़ुल्दडूबजाएयेसोचते
सबकेमकानउजाड़नेकोबोलताहैहम
वोघरफ़क़ीरकाभीबसाएयेसोचते
वोहैनिगाहसबसेेमिलानेकीताकमें
वोहरनज़रहमींसेमिलाएयेसोचते
जानेकोकुछनहींहैचलेजाएँगेमगर
ख़ुदहीपकड़केहाथबुलाएयेसोचते
  - Prashant Kumar
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