jab milte ho meri chinta karte ho | जब मिलते हो मेरी चिंता करते हो

  - Prashant Kumar
जबमिलतेहोमेरीचिंताकरतेहो
मेरीछोड़ोअपनीबताओकैसेहो
फ़िक्र-ओ-फ़नमेंदोनोंएकहीजैसेहैं
मैंग़ज़लेंलिखतातुमग़ज़लेंलिखतेहो
रत्तीभरभीफ़र्कनहींहैदोनोंमें
मैंजैसादिखतातुमवैसेदिखतेहो
जोइकराममिराहैवोहीतुम्हाराहै
मेरेसाथहीतोमहफ़िलसेउठतेहो
दुश्मनसमझोकुछभीसमझोमुझकोपर
मेरेलिएतुममेरेभाईजैसेहो
पूरीदुनिया'प्रशांत'समझतीतुमकोपर
मेरेलिएतुममीर-ओ-ग़ालिबजैसेहो
  - Prashant Kumar
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