इश्क़काजबशुरूसेफ़सानाहुआवोमुझेदेखकरमुस्कुरानेलगे
हाथमेंहाथथामाउठेफिरवहींसातफेरोंकीरस्मेंनिभानेलगे
कलख़फ़ाहोगयाथाकिसीबातपरखोलकरबालआएमिरेपासमें
फिरनदेखाउन्होंनेकहाँकौनहैहोंटपरहोंटधरकेमनानेलगे
चोटमुझकोलगीदर्दउनकोहुआमंदिरोंमेंगएमस्जिदोंमेंगए
मेरेज़ख़्मोंकीकीहैदु'आइसक़दरछोड़करसबख़ुदाकामआनेलगे
इश्क़मेंक्याख़ताहैबतादीजिएफिरहमारीख़ताकीसज़ादीजिए
फेरलींक्यूँँनिगाहेंहमेंदेखकरकबसेइतनीअदातुमदिखानेलगे
कुछसमझमेंनहींआरहाक्याकरूँँयारहरज़ख़्मपरहैंतुम्हारेनिशाँ
हाथहैंफूलजैसेमगरयेबताओकिलोहेकाख़ंजरउठानेलगे