aapka zikr hamne kahaan kar diya jaam se jaam takraaye hain raat-bhar | आपका ज़िक्र हमने कहाँ कर दिया जाम से जाम टकराए हैं रात-भर

  - Prashant Kumar
आपकाज़िक्रहमनेकहाँकरदियाजामसेजामटकराएहैंरात-भर
मय-कदेभिड़गएमय-कदेसेइधरयारमुश्किलसेबहलाएहैंरात-भर
आबगीनानज़रआबगीनाबदनक्याख़बरकिसख़ुदाकीहैकारीगरी
फिरक़बा-दोज़नेभीक़बायूँँसिलीदेखकरहूरबर्राएहैंरात-भर
फिरयक़ींहोगयारातमेंजबउठेहमहवातोकहींभीचलीहीनहीं
हममरेजारहेथेयहीसोचकरआपकेबाललहराएहैंरात-भर
आतिश-ए-तूरसाहैबदनक्याकरेंज़ुल्फ़मेंबिजलियाँआँखमेंआबला
आदमीतोचलोआदमीहैमगरचाँदतारेकिथर्राएहैंरात-भर
मैंगयाहीनहींशहरमेंआपकेफिरभीइल्ज़ामसारेमुझीपरलगे
बे-गुनाहीभीसाबितकहाँतककरूँँमुंसिफ़ोंनेहीलगवाएहैंरात-भर
  - Prashant Kumar
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