जबनक़ाब-ए-रुख़परउसकेआफ़ताबरखदिया
यूँँलगाकिचाँदपरकोईगुलाबरखदिया
मैंनेकब,कहाँपेकितनेबोसेरातमेंलिए
उसनेखोलकरकेआजसबहिसाबरखदिया
आँख,कान,गाल,होंटसबमयएकुहनलगे
हमनेहुस्नकाभीनामइकशराबरखदिया
मौतकीकगारपरहूँजबउसेख़बरहुई
आजहीउठाकेताक़मेंहिजाबरखदिया
जुर्मकेख़िलाफ़बसक़लमउठाईथी'प्रशांत'
मुंसिफ़ोंनेमेरानामहीकसाबरखदिया