hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Adarsh Akshar
jahaan par thii raushni us jagah nahin teergii kabhi rah saki
jahaan par thii raushni us jagah nahin teergii kabhi rah saki | जहाँ पर थी रौशनी उस जगह नहीं तीरगी कभी रह सकी
- Adarsh Akshar
जहाँ
पर
थी
रौशनी
उस
जगह
नहीं
तीरगी
कभी
रह
सकी
नहीं
ग़म
ठहर
सका
देर
तक
न
ही
देर
तक
ख़ुशी
रह
सकी
- Adarsh Akshar
Download Sher Image
हुनर
से
काम
लिया
पेंट
ब्रश
नहीं
तोड़ा
बना
लिया
तेरे
जैसा
ही
कोई
रंगों
से
मुझे
ये
डर
है
कि
मिल
जाएगी
तो
रो
दूँगा
मैं
जिस
ख़ुशी
को
तरसता
रहा
हूँ
बरसों
से
Read Full
Rahul Gurjar
Send
Download Image
9 Likes
मिरी
सुब्ह
का
यूँँ
भी
इज़हार
हो
पियाला
हो
कॉफ़ी
का
अख़बार
हो
कोई
जुर्म
साबित
न
हो
उसका
फिर
जो
तेरी
हँसी
में
गिरफ़्तार
हो
Read Full
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
25 Likes
ज़ोर
चलता
है
औरत
पे
सो
मर्द
ख़ुश
बीवी
पे
ख़त्म
मर्दानगी
की
समझ
Neeraj Neer
Send
Download Image
27 Likes
ग़म
और
ख़ुशी
में
फ़र्क़
न
महसूस
हो
जहाँ
मैं
दिल
को
उस
मक़ाम
पे
लाता
चला
गया
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
76 Likes
जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
Read Full
Nushur Wahidi
Send
Download Image
21 Likes
तू
अपने
घर
में
मुहब्बत
की
जीत
पर
ख़ुश
है
अभी
ठहर
के
मेरा
ख़ानदान
बाक़ी
है
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
33 Likes
हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
Read Full
Mohit Dixit
Send
Download Image
8 Likes
तेरे
सिवा
भी
कई
रंग
ख़ुश
नज़र
थे
मगर
जो
तुझको
देख
चुका
हो
वो
और
क्या
देखे
Parveen Shakir
Send
Download Image
86 Likes
मुद्दत
के
बाद
ख़्वाब
में
आया
था
मेरा
बाप
और
उसने
मुझ
सेे
इतना
कहा
ख़ुश
रहा
करो
Abbas Tabish
Send
Download Image
60 Likes
साल
के
तीन
सौ
पैंसठ
दिन
में
एक
भी
रात
नहीं
है
उसकी
वो
मुझे
छोड़
दे
और
ख़ुश
भी
रहे
इतनी
औक़ात
नहीं
है
उसकी
Muzdum Khan
Send
Download Image
67 Likes
Read More
उड़ना
है
ऊँचा
हमें
चाहे
जो
भी
हो
जाए
पंछी
को
भाता
नहीं
है
ज़मीं
रत्ती
भर
भी
Adarsh Akshar
Send
Download Image
3 Likes
है
चाहता
कितना
ये
दिल
तुमको
बताऊँ
कैसे
मैं
सब
सेे
चुरा
कर
के
तुम्हें
अपना
बनाऊँ
कैसे
मैं
Adarsh Akshar
Send
Download Image
1 Like
हट
के
सब
सेे
सोचता
है
यानी
बिल्कुल
सर-फिरा
है
कुछ
अलग
करने
से
ही
तो
आता
जीवन
में
मज़ा
है
अंत
में
होता
वही
है
भाग्य
में
जो
कुछ
लिखा
है
इश्क़
के
दरिया
में
सबको
एक
दिन
तो
डूबना
है
जीत
उसकी
तय
है
'अक्षर'
पास
जिसके
हौसला
है
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
हो
जब
तलक
बे-नाम
तुम
करना
नहीं
आराम
तुम
गढ़ता
है
वो
आँखों
में
तो
क्यूँ
लेते
उसका
नाम
तुम
नफ़रत
के
इस
माहौल
में
दो
प्यार
का
पैग़ाम
तुम
है
स्वर्ग
तुमको
देखना
तो
जाओ
चारों
धाम
तुम
गिन
कर
के
गुठली
होगा
क्या
चुप
चाप
खाओ
आम
तुम
रावण
दिखे
दोबारा
तो
बन
जाना
झट
से
राम
तुम
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
है
फ़ोन
पर
बस
बात
करता
रात
दिन
वो
लड़का
अब
भी
तुमपे
मरता
रात
दिन
Adarsh Akshar
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bijli Shayari
Mazdoor Shayari
Chaand Shayari
Jashn Shayari
Sabr Shayari