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Adarsh Akshar
hat ke sabse sochta hai
hat ke sabse sochta hai | हट के सब सेे सोचता है
- Adarsh Akshar
हट
के
सब
सेे
सोचता
है
यानी
बिल्कुल
सर-फिरा
है
कुछ
अलग
करने
से
ही
तो
आता
जीवन
में
मज़ा
है
अंत
में
होता
वही
है
भाग्य
में
जो
कुछ
लिखा
है
इश्क़
के
दरिया
में
सबको
एक
दिन
तो
डूबना
है
जीत
उसकी
तय
है
'अक्षर'
पास
जिसके
हौसला
है
- Adarsh Akshar
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तूने
कहा
न
था
कि
मैं
कश्ती
पे
बोझ
हूँ
आँखों
को
अब
न
ढाँप
मुझे
डूबता
भी
देख
Shakeb Jalali
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ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
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मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
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Anurag Pandey
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जो
उस
तरफ़
से
इशारा
कभी
किया
उस
ने
मैं
डूब
जाऊंगा
दरिया
को
पार
करते
हुए
Ghulam Murtaza Rahi
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उनकी
आँखें
झील
हैं
तो
क्या
करें
डूब
जाएँ
काम
धंधा
छोड़
दें?
Saurabh Sharma 'sadaf'
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शिकस्ता
नाव
समझ
कर
डुबोने
वाले
लोग
न
पा
सके
मुझे
साहिल
पे
खोने
वाले
लोग
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
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Kashif Sayyed
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मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
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अपने
मन
में
डूब
कर
पा
जा
सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी
तू
अगर
मेरा
नहीं
बनता
न
बन
अपना
तो
बन
Allama Iqbal
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मैं
इस
ख़याल
से
शर्मिंदगी
में
डूब
गया
कि
मेरे
होते
हुए
वो
नदी
में
डूब
गया
Siraj Faisal Khan
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मेरे
अपने
अंदर
एक
भँवर
था
जिस
में
मेरा
सब
कुछ
साथ
ही
मेरे
डूब
गया
है
Aanis Moin
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उड़ना
है
ऊँचा
हमें
चाहे
जो
भी
हो
जाए
पंछी
को
भाता
नहीं
है
ज़मीं
रत्ती
भर
भी
Adarsh Akshar
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आदमी
जब
टूटता
है
तब
निकलता
रास्ता
है
इस
जहाँ
में
सिर्फ़
हमको
आपका
ही
आसरा
है
Adarsh Akshar
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जीने
की
मारा
मारी
क्यूँ
है
सबको
इक
ही
बीमारी
क्यूँ
है
जिसने
देखा
उन
सबने
पूछा
ये
लड़की
इतनी
प्यारी
क्यूँ
है
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Adarsh Akshar
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जब
भी
आती
हिचकियाँ
हैं
याद
आती
चिट्ठियाँ
हैं
हम
सभी
हैं
एक
जैसे
हम
सभी
में
ख़ामियाँ
हैं
ख़्वाब
के
छत
पर
से
गिर
के
टूटी
सारी
हड्डियाँ
हैं
अब
हमारे
पास
केवल
नींद
की
बस
गोलियाँ
हैं
आज
कल
तो
हफ़्ते
भर
में
टूट
जाती
शादियाँ
हैं
ज़िंदगी
को
जानने
में
सब
सेे
होती
ग़लतियाँ
हैं
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Adarsh Akshar
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इन
आँखों
ने
हर
मंज़र
याद
रखा
है
छूके
अंबर
अपना
घर
याद
रखा
है
शायद
उसका
चेहरा
मैं
भूल
चुका
हूँ
उसका
नंबर
अब
भी
पर
याद
रखा
है
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Adarsh Akshar
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