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Adarsh Akshar
gar bola hota pyaar se
gar bola hota pyaar se | गर बोला होता प्यार से
- Adarsh Akshar
गर
बोला
होता
प्यार
से
लड़
लेते
हम
संसार
से
वो
जलने
से
डरते
नहीं
जो
खेलते
अंगार
से
सच
में
बहुत
कुछ
सीखता
इंसान
अपनी
हार
से
जो
जो
क़लम
कर
सकती
है
होगा
न
वो
तलवार
से
उम्मीद
रखता
है
नहीं
'अक्षर'
किसी
सरकार
से
- Adarsh Akshar
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बस
एक
लम्हे
के
सच
झूट
के
एवज़
'फ़रहत'
तमाम
उम्र
का
इल्ज़ाम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
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अज़ीज़-तर
मुझे
रखता
है
वो
रग-ए-जाँ
से
ये
बात
सच
है
मेरा
बाप
कम
नहीं
माँ
से
Tahir Shaheer
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सच
की
डगर
पे
जब
भी
रक्खे
क़दम
किसी
ने
पहले
तो
देखी
ग़ुर्बत
फिर
तख़्त-ओ-ताज
देखा
Amaan Pathan
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किसी
उम्मीद
का
ये
इस्तिआरा
जान
पड़ता
है
कि
तन्हा
ही
सही
सच
झूट
से
अब
रोज़
लड़ता
है
Tarun Pandey
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सच
तो
ये
है
'मजाज़'
की
दुनिया
हुस्न
और
इश्क़
के
सिवा
क्या
है
Asrar Ul Haq Majaz
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ये
सच
है
कि
पाँवों
ने
बहुत
कष्ट
उठाए
पर
पाँव
किसी
तरह
राहों
पे
तो
आए
Dushyant Kumar
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
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देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
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अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
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जब
भी
आती
हिचकियाँ
हैं
याद
आती
चिट्ठियाँ
हैं
हम
सभी
हैं
एक
जैसे
हम
सभी
में
ख़ामियाँ
हैं
ख़्वाब
के
छत
पर
से
गिर
के
टूटी
सारी
हड्डियाँ
हैं
अब
हमारे
पास
केवल
नींद
की
बस
गोलियाँ
हैं
आज
कल
तो
हफ़्ते
भर
में
टूट
जाती
शादियाँ
हैं
ज़िंदगी
को
जानने
में
सब
सेे
होती
ग़लतियाँ
हैं
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Adarsh Akshar
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दुनिया
कहती
थी
मुश्किल
है
लेकिन
दिल
तो
आख़िर
दिल
है
जी
जाँ
इक
करना
पड़ता
है
तब
जाकर
मिलती
मंज़िल
है
मैं
उसके
सुख
में
शामिल
था
वो
मेरे
दुख
में
शामिल
है
मैंने
वो
सब
कुछ
बाँटा
है
जो
कुछ
भी
मुझको
हासिल
है
'अक्षर'
के
बस
आ
जाने
से
खिल
उठती
सारी
महफ़िल
है
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Adarsh Akshar
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याद
करता
है
ज़रूरत
में
अब
कुछ
भी
हो
सकता
मुहब्बत
में
अब
Adarsh Akshar
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अगर
हो
सकते
हो
तो
आज
रास्ता
हो
जा
तू
बेघरों
का
हसीं
एक
आसरा
हो
जा
Adarsh Akshar
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कोई
कमी
रखना
नहीं
है
अब
सफ़र
लंबा
नहीं
दुनिया
की
बातों
में
आ
कर
मन
छोटा
तुम
करना
नहीं
वो
दिल
भी
कोई
दिल
हुआ
जो
है
कभी
टूटा
नहीं
तुम
कहती
तो
रुक
जाते
हम
पर
तुमने
तो
रोका
नहीं
शायर
भले
ही
अच्छा
हो
पर
आदमी
अच्छा
नहीं
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Adarsh Akshar
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