hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Adarsh Akshar
duniya kahti thii mushkil hai
duniya kahti thii mushkil hai | दुनिया कहती थी मुश्किल है
- Adarsh Akshar
दुनिया
कहती
थी
मुश्किल
है
लेकिन
दिल
तो
आख़िर
दिल
है
जी
जाँ
इक
करना
पड़ता
है
तब
जाकर
मिलती
मंज़िल
है
मैं
उसके
सुख
में
शामिल
था
वो
मेरे
दुख
में
शामिल
है
मैंने
वो
सब
कुछ
बाँटा
है
जो
कुछ
भी
मुझको
हासिल
है
'अक्षर'
के
बस
आ
जाने
से
खिल
उठती
सारी
महफ़िल
है
- Adarsh Akshar
Download Ghazal Image
उठ
कर
तो
आ
गए
हैं
तिरी
बज़्म
से
मगर
कुछ
दिल
ही
जानता
है
कि
किस
दिल
से
आए
हैं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
36 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
मुझे
तो
होश
न
था
उन
की
बज़्म
में
लेकिन
ख़मोशियों
ने
मेरी
उन
से
कुछ
कलाम
किया
Behzad Lakhnavi
Send
Download Image
20 Likes
तिरे
सिवा
भी
कहीं
थी
पनाह
भूल
गए
निकल
के
हम
तिरी
महफ़िल
से
राह
भूल
गए
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
27 Likes
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल
न
पूछिए
'मजरूह'
शराब
एक
है
बदले
हुए
हैं
पैमाने
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
21 Likes
फिर
आज
यारों
ने
तुम्हारी
बात
की
फिर
यार
महफ़िल
में
मिरी
खिल्ली
उड़ी
Harsh saxena
Send
Download Image
6 Likes
पहले-पहल
तो
लड़
लिए
अल्लाह
से
मगर
अब
पेश
आ
रहे
हैं
बड़ी
आजिज़ी
से
हम
Amaan Pathan
Send
Download Image
10 Likes
दूर
हूँ
लेकिन
बता
सकता
हूँ
उन
की
बज़्म
में
क्या
हुआ
क्या
हो
रहा
है
और
क्या
होने
को
है
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
25 Likes
गले
मिली
कभी
उर्दू
जहाँ
पे
हिन्दी
से
मिरे
मिज़ाज
में
उस
अंजुमन
की
ख़ुशबू
है
Satish Shukla Raqeeb
Send
Download Image
27 Likes
प्यास
जहाँ
की
एक
बयाबाँ
तेरी
सख़ावत
शबनम
है
पी
के
उठा
जो
बज़्म
से
तेरी
और
भी
तिश्ना-काम
उठा
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
19 Likes
Read More
जैसी
दुनिया
वैसा
बन
जितना
है
बस
उतना
बन
दरिया
बन
ही
जाएगा
लेकिन
पहले
क़तरा
बन
होते
होंगे
लोग
ग़ज़ल
तू
सुंदर
सा
दोहा
बन
पाना
जिसको
मुश्किल
हो
वैसा
ही
इक
सपना
बन
मंटो
का
अफ़साना
मैं
तू
साहिर
का
नग़मा
बन
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
बड़ी
मुश्किलों
से
गुज़री
है
हमारी
ज़िंदगानी
लगी
फिर
भी
तो
सदा
हम
को
ये
प्यारी
ज़िंदगानी
Adarsh Akshar
Send
Download Image
1 Like
क्या
रखा
है
ज़िंदगी
में
वक़्त
की
इस
बे-रुख़ी
में
आपका
ही
ज़िक्र
करते
आज-कल
हम
शा'इरी
में
रौशनी
में
खो
गए
जो
वो
मिले
फिर
तीरगी
में
फ़र्क़
ज़्यादा
है
नहीं
कुछ
दोस्ती
में
दुश्मनी
में
तजरबा
है
कह
रहा
हूँ
दुख
बहुत
हैं
आशिक़ी
में
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
लड़की
थी
वो
अंबरी
सी
आँख
उसकी
मर्मरी
सी
तपता
जलता
जून
था
मैं
वो
थी
बिल्कुल
जनवरी
सी
बचपना
भीतर
छिपा
था
बात
करती
बावरी
सी
इक
नज़र
में
भा
गई
थी
वो
मुझे
तो
शा'इरी
सी
कोई
आख़िर
क्यूँ
सुनेगा
अब
कहानी
दुख
भरी
सी
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
जब
भी
आती
हिचकियाँ
हैं
याद
आती
चिट्ठियाँ
हैं
हम
सभी
हैं
एक
जैसे
हम
सभी
में
ख़ामियाँ
हैं
ख़्वाब
के
छत
पर
से
गिर
के
टूटी
सारी
हड्डियाँ
हैं
अब
हमारे
पास
केवल
नींद
की
बस
गोलियाँ
हैं
आज
कल
तो
हफ़्ते
भर
में
टूट
जाती
शादियाँ
हैं
ज़िंदगी
को
जानने
में
सब
सेे
होती
ग़लतियाँ
हैं
Read Full
Adarsh Akshar
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Intiqam Shayari
Gunaah Shayari
Dil Shayari
Khoon Shayari
Hawa Shayari