farishton phir nikal aao museebat ho rahi hai ab | फ़रिश्तों फिर निकल आओ मुसीबत हो रही है अब

  - Abhinav Srivastav
फ़रिश्तोंफिरनिकलआओमुसीबतहोरहीहैअब
ज़मानेमेंजहालतकीहुकूमतहोरहीहैअब
यहींडरहैशजरसारेभरोसेपेरहजाएँ
किजंगलकोबचानेकीतिजारतहोरहीहैअब
मैंप्यासारहरहाहूँएकनद्दीकेमुहानेपर
मुझेसाहिलकेइनरेतोंकीआदतहोरहीहैअब
बहुतअर्सारहातन्हामैंख़ुदसेदिललगालूँक्या
मिरेदिलकोमुहब्बतकीज़रूरतहोरहीहैअब
सुनानेकोकोईअच्छीकहानीहीनहींमिलती
सभीकोइश्क़करनेकीसुहूलतहोरहीहैअब
मुहल्लेमेंतोबच्चोंकोमिसालेंमेरीमिलतीहैं
किदेखोशौक़मेंकैसीफ़ज़ीहतहोरहीहैअब
कभीतोचूमकरदेखूँगाउसकेकाँचकोभीमैं
तिरेहाथोंकोजिसचूड़ीसेक़ुर्बतहोरहीहैअब
मिरीबेटीनहींसोतीमैंजबतकघरजाऊँ
ख़ुदाकीमुझपेऐसीभीइनायतहोरहीहैअब
मिरेअंदरकाइकलड़कासयानाहैबहुतलेकिन
ग़ज़लकहतातोलगताहैबग़ावतहोरहीहैअब
  - Abhinav Srivastav
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