आजअपनेआपकोपूराबदलनाचाहताहूँ
इसपुरानीखालसेबाहरनिकलनाचाहताहूँ
एकमुद्दतसेतोरस्मोंकेक़फ़समेंक़ैदहूँमैं
तोड़करमैंयेसलाखेंअबउछलनाचाहताहूँ
लोगलेकरअपनीनफ़रतदूरमुझसेेहोगएहैं
मैंमोहब्बतअपनीलेकरफिरबहलनाचाहताहूँ
होशमेंजबतकरहामैंलड़खड़ानाहीहुआबस
आजमयमेंडूबकरमैंकुछसँभलनाचाहताहूँ
चारदिनथेज़िन्दगीमेंतीनसंजीदाकटेहैं
एकदिनआवारगीमेंमैंफिसलनाचाहताहूँ