चारा-गर के बस की बात नहीं है अब

  - Abhinav Srivastav
चारा-गरकेबसकीबातनहींहैअब
सचबोलूँयेअच्छीबातनहींहैअब
दिलपरसारेजंतरमंतरज़ायेहैं
येकोईमामूलीबातनहींहैअब
तेरेआगेबाक़ीसबकुछफीकाहै
शक्करमेंभीशीरींबातनहींहैअब
दुनियापहलेसीबेरंगनहींलगती
तुमसोचोक्यूँवैसीबातनहींहैअब
क़स
मेंखानाक़समोंमेंजीनामरना
येतोकोईझूठीबातनहींहैअब
सबकहतेहैंमैंभीकुछबदलासाहूँ
मुझ
मेंमेरेजैसीबातनहींहैअब
  - Abhinav Srivastav
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