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Ajeetendra Aazi Tamaam
KHilaaf saazishon se ham jo dar gaye hote
KHilaaf saazishon se ham jo dar gaye hote | ख़िलाफ़ साज़िशों से हम जो डर गए होते
- Ajeetendra Aazi Tamaam
ख़िलाफ़
साज़िशों
से
हम
जो
डर
गए
होते
दिल-ए-अवाम
से
कब
के
उतर
गए
होते
- Ajeetendra Aazi Tamaam
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आँख
की
बेबसी
दिल
का
डर
देखना
तुम
किसी
दिन
ग़रीबों
का
घर
देखना
Alankrat Srivastava
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गुज़ार
देते
हैं
रातें
पहलू
में
उसके
जुगनू
को
भी
दर
का
फ़क़ीर
बना
रखा
है
ALI ZUHRI
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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ख़ाली
पड़ा
है
और
उदासी
भरा
है
दिल
सो
लोग
इस
मकान
से
आगे
निकल
गए
Ankit Maurya
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पहले
सौ
बार
इधर
और
उधर
देखा
है
तब
कहीं
डर
के
तुम्हें
एक
नज़र
देखा
है
Majrooh Sultanpuri
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मज़ा
चहिए
जो
आख़िर
तक
उदासी
से
मोहब्बत
कर
ख़ुशी
का
क्या
है
कब
तब्दील
है
से
थी
में
हो
जाए
Atul K Rai
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मेरे
ही
संग-ओ-ख़िश्त
से
तामीर-ए-बाम-ओ-दर
मेरे
ही
घर
को
शहर
में
शामिल
कहा
न
जाए
Majrooh Sultanpuri
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मैं
बार
बार
तुझे
देखता
हूॅं
इस
डर
से
कि
पिछली
बार
का
देखा
हुआ
ख़राब
न
हो
Shaheen Abbas
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अपनी
इस
आदत
पे
ही
इक
रोज़
मारे
जाएँगे
कोई
दर
खोले
न
खोले
हम
पुकारे
जाएँगे
Waseem Barelvi
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मौत
को
हम
ने
कभी
कुछ
नहीं
समझा
मगर
आज
अपने
बच्चों
की
तरफ़
देख
के
डर
जाते
हैं
Shakeel Jamali
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उनको
मिलती
है
सिर्फ़
तन्हाई
वो
जो
लोगों
से
इश्क़
करते
हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
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समय
के
साथ
जीवन
बह
गया
है
कोई
बस
हाथ
मलता
रह
गया
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
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सही
सही
बता
है
क्या
भला
है
क्या
बुरा
है
क्या
न
इश्क़
है
न
चारा-गर
तो
दर्द
की
दवा
है
क्या
लहू
सा
लाल
लाल
है
ये
आँखों
में
जमा
है
क्या
बुझे
बुझे
से
लोग
हैं
ये
ज़िंदगी
सज़ा
है
क्या
अजीब
कशमकश
सी
है
ये
दिल
तुझे
हुआ
है
क्या
सुकून
हो
न
चैन
हो
तो
जीने
में
मज़ा
है
क्या
जो
ख़ाक
हो
रहे
हैं
हम
किसी
की
बद्दुआ
है
क्या
जला
दिया
तो
जल
गया
ये
जिस्म
बे-वफ़ा
है
क्या
बहक
रहे
हैं
देख
कर
बदन
तेरा
नशा
है
क्या
हर
एक
शय
मलंग
है
बहार
में
अदा
है
क्या
उसी
की
आरज़ू
है
क्यूँ
तमाम
वो
ख़ुदा
है
क्या
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Ajeetendra Aazi Tamaam
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और
कुछ
इसको
चाहिए
ही
नहीं
ज़िंदगी
मौत
चाहती
है
बस
Ajeetendra Aazi Tamaam
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मौसम-ए-नौ
वर्ष
है
अब
लौट
भी
आओ
सनम
धड़कनों
से
किसको
होते
हैं
भला
शिकवे
गिले
अब
तो
सब
कुछ
ही
नया
है
इस
बदलते
दौर
में
क्या
ग़ज़ब
का
साल
था
जिस
साल
आप
और
हम
मिले
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Ajeetendra Aazi Tamaam
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