hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ajeetendra Aazi Tamaam
be sabab haav-hoo si rahtii hai
be sabab haav-hoo si rahtii hai | बे सबब हाव-हू सी रहती है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
बे
सबब
हाव-हू
सी
रहती
है
दाँव
पर
आबरू
सी
रहती
है
इश्क़
जब
भी
किसी
से
होता
है
इक
अजब
जुस्तजू
सी
रहती
है
लम्हा
दर
लम्हा
दिल
मचलता
है
हर
पहर
आरज़ू
सी
रहती
है
यूँँ
लगे
की
हर
एक
चेहरे
पर
सूरत
इक
हू-ब-हू
सी
रहती
है
मन
भटकता
है
वन
हिरन
बनकर
ख़ुशबू
इक
रू-ब-रू
सी
रहती
है
ख़ुद
से
ही
अब
वो
बात
करता
है
दिल
में
इक
गुफ़्तगू
सी
रहती
है
जलके
सब
ख़ाक
हो
गए
'आज़ी'
फिर
भी
इक
राख
बू
सी
रहती
है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
Download Ghazal Image
न
जी
भर
के
देखा
न
कुछ
बात
की
बड़ी
आरज़ू
थी
मुलाक़ात
की
Bashir Badr
Send
Download Image
56 Likes
हम
क्या
करें
अगर
न
तिरी
आरज़ू
करें
दुनिया
में
और
भी
कोई
तेरे
सिवा
है
क्या
Hasrat Mohani
Send
Download Image
33 Likes
बहाने
और
भी
होते
जो
ज़िंदगी
के
लिए
हम
एक
बार
तिरी
आरज़ू
भी
खो
देते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
36 Likes
नहीं
निगाह
में
मंज़िल,
तो
जुस्तजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
41 Likes
हम
जानते
तो
इश्क़
न
करते
किसू
के
साथ
ले
जाते
दिल
को
खाक
में
इस
आरज़ू
के
साथ
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
36 Likes
हुस्न
बख़्शा
जो
ख़ुदा
ने
आप
बख़्शें
दीद
अपनी
आरज़ू–ए–चश्म
पूरी
हो
मुकम्मल
ईद
अपनी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
Send
Download Image
4 Likes
अश्कों
को
आरज़ू-ए-रिहाई
है
रोइए
आँखों
की
अब
इसी
में
भलाई
है
रोइए
Abbas Qamar
Send
Download Image
53 Likes
मिरी
आरज़ू
का
हासिल
तिरे
लब
की
मुस्कुराहट
हैं
क़ुबूल
मुझ
को
सब
ग़म
तिरी
इक
ख़ुशी
के
बदले
Kashif Adeeb Makanpuri
Send
Download Image
46 Likes
नाज़-ओ-नख़रे
क्या
उठाए,
क्या
सुने
उस
के
गिले
देखते
ही
देखते
लड़की
घमंडी
हो
गई
देखते
रहने
में
उस
को
और
क्या
होता,
मगर
जो
थी
जान-ए-आरज़ू,
वो
चाय
ठंडी
हो
गई
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
9 Likes
मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
Send
Download Image
61 Likes
Read More
रंगतें
रंगों
ने
पाई
आपसे
आपको
रंगों
से
क्यूँ
परहेज़
है
जिस
सेे
चाहे
उस
सेे
होली
खेलिए
ज़िंदगी
हर
रंग
से
लबरेज़
है
Read Full
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
मिलते
बिछड़ते
रहते
हैं
हर
मोड़
पर
हमें
हम
जैसे
कोई
रेल
सवारी
ये
रास्ते
बाइक
पे
अपनी
बैठ
निकलते
हैं
घर
से
जब
रफ़्तार
देखते
हैं
हमारी
ये
रास्ते
Read Full
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
2 Likes
ढल
गया
पैरहन
में
वो
तागा
जिस
सेे
होकर
सलाइयाँ
निकलीं
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
2 Likes
बढ़
गई
है
आदमी
की
वहशियत
जा
परिंद
अब
आशियाना
छोड़कर
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
बाज़ुओं
को
ग़ैर
की
मदहोश
कर
शर्म
तो
आती
नहीं
होगी
तुम्हें
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Qatil Shayari
Azal Shayari
Jawani Shayari
Subah Shayari
Irada Shayari