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Aatish Indori
be wajah hi nahin mujhko bhaati hai vo
be wajah hi nahin mujhko bhaati hai vo | बे वजह ही नहीं मुझको भाती है वो
- Aatish Indori
बे
वजह
ही
नहीं
मुझको
भाती
है
वो
दोस्तों
चाय
अच्छी
बनाती
है
वो
- Aatish Indori
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इतनी
दिलकश
थी
गुफ़्तगू
उसकी
चाय
का
कप
भी
सुन
रहा
था
उसे
Hashim Raza Jalalpuri
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एक
मुझे
ख़्वाब
देखने
के
सिवा
चाय
पीने
की
गंदी
आदत
है
Balmohan Pandey
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हर
सुब्ह
उठ
के
इसको
मैं
हूँ
चूमता
चाय
है
जैसे
ये
कोई
सौतन
तेरी
RAJAT AWASTHI
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हमेशा
ठंडी
हो
जाती
थी
चाय
बातों
बातों
में
वो
बातें
जो
इन
आँखों
से
किया
करते
थे
हम
दोनों
Hasan Abbasi
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आज
फिर
चाय
बनाते
हुए
वो
याद
आया
आज
फिर
चाय
में
पत्ती
नहीं
डाली
मैं
ने
Taruna Mishra
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घी
मिस्री
भी
भेज
कभी
अख़बारों
में
कई
दिनों
से
चाय
है
कड़वी
या
अल्लाह
Nida Fazli
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चाय
की
प्याली
में
नीली
टेबलेट
घोली
सह
में
सह
में
हाथों
ने
इक
किताब
फिर
खोली
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Bashir Badr
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ठंडी
चाय
की
प्याली
पी
के
रात
की
प्यास
बुझाई
है
Rais Farog
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चाय
के
बारे
में
कोई
राय
मत
दो
यार
मुझको
बात
समझो
इश्क़
सब
सेे
पूछकर
होता
नहीं
है
Neeraj Neer
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चाय
पीते
हैं
कहीं
बैठ
के
दोनों
भाई
जा
चुकी
है
ना
तो
बस
छोड़
चल
आ
जाने
दे
Ali Zaryoun
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बिना
नज़रों
में
आए
की
निगहबानी
हमारी
बहुत
भाई
हमें
जानाँ
अदाकारी
तुम्हारी
Aatish Indori
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अच्छे
से
यार
देखना
है
तुम्हें
आख़िरी
बार
देखना
है
तुम्हें
हर
कोई
कहता
है
तुम्हें
तितली
बन
के
गुल
यार
देखना
है
तुम्हें
तोड़
दूँ
आँसुओं
की
हद-बंदी
दर्द
का
ज्वार
देखना
है
तुम्हें
हाँ
न
कुछ
भी
नहीं
कहोगे
तुम
पूरा
बाज़ार
देखना
है
तुम्हें
आया
कैसे
हूँ
देखते
यह
हो
मेरा
मेयार
देखना
है
तुम्हें
आतिश
इंदौरी
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Aatish Indori
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जानता
था
कि
तुम
दग़ा
दोगी
क्यूँँकि
तुम
कहती
थी
वफ़ा
दोगी
आपकी
तरह
ही
हसीन
है
वो
अपना
काजल
उसे
लगा
दोगी
एक
झटके
मैं
झुक
गई
तुम
तो
और
तुम
मुझको
हौसला
दोगी
उम्र
भर
आपको
दु'आ
दूँगा
अच्छे
ग़म-ख़्वार
का
पता
दोगी
जिस्म
तक
इसलिए
नहीं
पहुँचा
ज़िंदगी
भर
मुझे
दु'आ
दोगी
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Aatish Indori
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मैं
कोई
कथा
कह
रहा
हूँ
मैं
अपनी
व्यथा
कह
रहा
हूँ
कोई
भी
मिलावट
नहीं
की
यथा
को
यथा
कह
रहा
हूँ
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Aatish Indori
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अंत
जाना
है
कहानी
का
अक़ब
भी
जानो
बे-वफ़ा
क्यूँँ
हुआ
है
इसका
सबब
भी
जानो
आज
की
तरह
ही
हर
बार
रहोगे
असफल
इश्क़
करते
हो
तो
जतलाने
का
ढब
भी
जानो
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Aatish Indori
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