hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aatish Indori
meraa saagar khayaalon ka kidhar jaata hai samjho
meraa saagar khayaalon ka kidhar jaata hai samjho | मेरा सागर ख़यालों का किधर जाता है समझो
- Aatish Indori
मेरा
सागर
ख़यालों
का
किधर
जाता
है
समझो
मेरे
चेहरे
पे
वो
चेहरा
उभर
आता
है
समझो
किसी
का
बे-वफ़ा
होने
का
मंसूबा
नहीं
था
मुहब्बत
का
चढ़ा
दरिया
उतर
जाता
है
समझो
तुम्हारे
कंधे
पर
कुछ
दिन
से
तितली
बैठती
है
मुहब्बत
हो
गई
है
यह
नज़र
आता
है
समझो
परिंदों
को
बताने
की
ज़रूरत
भी
नहीं
है
परिंदा
ख़ुद
बुलंदी
से
उतर
आता
है
समझो
- Aatish Indori
Download Ghazal Image
सलीक़ा
तो
नहीं
मालूम
हम
को
दीद
का
लेकिन
झुकाती
है
नज़र
को
जब
नज़र
भर
देखते
हैं
हम
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
पुतलियाँ
तक
भी
तो
फिर
जाती
हैं
देखो
दम-ए-नज़अ
वक़्त
पड़ता
है
तो
सब
आँख
चुरा
जाते
हैं
Ameer Minai
Send
Download Image
22 Likes
मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
28 Likes
भटकती
फिर
रही
है
आँख
घर
में
तिरी
आवाज़
इसको
दिख
रही
है
Himanshu Kiran Sharma
Send
Download Image
20 Likes
तुम्हारा
काम
इतना
है
कि
बस
काजल
लगा
लेना
तुम्हारी
आँख
की
ख़ातिर
नज़ारे
मैं
बनाऊँगा
Khalid Nadeem Shani
Send
Download Image
26 Likes
यूँँ
तो
वो
शख़्स
बिलकुल
बे-गुनह
है
ज़माने
की
मगर
उस
पे
निगह
है
हमारे
दरमियाँ
जो
दूरियाँ
हैं
यक़ीनन
तीसरी
कोई
वजह
है
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
4 Likes
इतने
दुख
से
भरी
है
ये
दुनिया
आँख
खुलते
ही
आँख
भर
आए
shampa andaliib
Send
Download Image
9 Likes
इक
नज़र
उस
चेहरे
की
देखी
है
जब
से
यार
मुँह
उतरा
हुआ
है
रौशनी
का
Harsh saxena
Send
Download Image
4 Likes
गली
में
बैठे
हैं
उसकी
नज़र
जमाए
हुए
हमारे
बस
में
फ़क़त
इंतिज़ार
करना
है
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
23 Likes
तूफ़ानों
से
आँख
मिलाओ
सैलाबों
पे
वार
करो
मल्लाहों
का
चक्कर
छोड़ो
तैर
के
दरिया
पार
करो
Rahat Indori
Send
Download Image
143 Likes
Read More
क्योंकि
मुझको
नींव
अच्छी
डालनी
थी
दोस्ती
पहले
मोहब्बत
बाद
में
की
Aatish Indori
Send
Download Image
2 Likes
निभाई
वफ़ा
उम्र
भर
कज-अदाई
नहीं
की
ख़फ़ा
तो
रहा
पर
कभी
बेवफ़ाई
नहीं
की
समय
ठीक
कर
दे
तो
कर
दे
अलग
बात
है
यह
दिए
तुमने
जो
ज़ख़्म
उनकी
दवाई
नहीं
की
मुझे
वास्ते
जिसके
छोड़ा
तुम्हें
उसने
छोड़ा
हँसा
जानकर
यह
मगर
जग-हँसाई
नहीं
की
गरीबी
हटाओ
गरीबी
हटाओ
कहा
तो
गरीबों
के
घर
में
मगर
रौशनाई
नहीं
की
ज़रूरत
पड़ी
तो
हमेशा
शहादत
दी
हमने
किसी
शाह
की
तरह
बातें
हवाई
नहीं
की
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
आब
भर
के
ही
अगर
पीना
था
पैमाने
में
घर
पे
रुकना
था
नहीं
आना
था
मैख़ाने
में
Aatish Indori
Send
Download Image
1 Like
ख़ूब
बातें
करती
थी,
अंजान
लेकिन
अब
हुई
जानता
पहले
से
था,
पहचान
लेकिन
अब
हुई
Aatish Indori
Send
Download Image
3 Likes
सब्र
की
सीमा
को
यूँँ
परखा
गया
था
वो
विरोधी
की
तरह
मुझ
से
मिला
था
दी
मुहब्बत
तो
मुहब्बत
ही
मुहब्बत
अब
मुसलसल
बेवफ़ाई
दे
रहा
था
छोड़ने
की
वज्ह
यह
बिल्कुल
नहीं
थी
अस्ल
में
दीवानगी
से
वो
ख़फ़ा
था
बे-वफ़ाई
की
गवाही
ख़ुद
की
उसने
कुछ
ज़ियादा
ही
सफ़ाई
दे
रहा
था
Read Full
Aatish Indori
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Jashn Shayari
Deshbhakti Shayari
Awaaz Shayari
Titliyan Shayari
Shajar Shayari