aap aaiine ko naahaq hi badlne pe adi ho | आप आईने को नाहक़ ही बदलने पे अड़ी हो

  - Aatish Indori
आपआईनेकोनाहक़हीबदलनेपेअड़ीहो
दोषआईनेकाक्याजबधूलचेहरेपरपड़ीहो
पूराघरबिखरापड़ाहैनींदआँखोंमेंपड़ीहै
सचबताओरात-भरतुमकिनख़यालोंसेलड़ीहो
राहकोईभीचलोपरलौटनेकीराहरखना
यादरखनायहनसीहतउम्रमेंमानाबड़ीहो
धारचाक़ूपेलगानेकीज़रूरतक्यूँँहैजानाँ
हारनेतुमकोदियाक्याजबभीतुममुझसेेलड़ीहो
  - Aatish Indori
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