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Aatish Alok
ek din bhi jee na paayega yakeen sa tha mujhe
ek din bhi jee na paayega yakeen sa tha mujhe | एक दिन भी जी न पायेगा यक़ीं सा था मुझे
- Aatish Alok
एक
दिन
भी
जी
न
पायेगा
यक़ीं
सा
था
मुझे
वो
मगर
जीकर
बताया
झूठ
लगता
था
मुझे
वो
कि
जिसने
कह
दिया
अब
रोकने
का
मन
नहीं
एक
वो
ही
शख़्स
था
जो
रोक
सकता
था
मुझे
- Aatish Alok
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जान
तुझ
पर
कुछ
ए'तिमाद
नहीं
ज़िंदगानी
का
क्या
भरोसा
है
Khan Arzoo Sirajuddin Ali
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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उसी
का
शहर
वही
मुद्दई
वही
मुंसिफ़
हमें
यक़ीं
था
हमारा
क़ुसूर
निकलेगा
Ameer Qazalbash
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कभी
ये
भी
नहीं
पूछा
है
गर्दन
पे
निशाँ
कैसा
हमें
अंधी
मोहब्बत
थी
हमें
अंधा
भरोसा
था
Shayra kirti
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तुम्हारी
ख़ानदानी
रस्म
रस्म-ए-बेवफ़ाई
है
हमीं
पागल
थे
जो
तुम
पर
भरोसा
कर
लिया
हमने
Shajar Abbas
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ऐ
मुझ
को
फ़रेब
देने
वाले
मैं
तुझ
पे
यक़ीन
कर
चुका
हूँ
Athar Nafees
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भरोसा
तोड़कर
अच्छा
किया
तुमने
मैं
दुनिया
पर
भरोसा
करने
वाला
था
Aatish Alok
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हिम्मत,
ताकत,
प्यार,
भरोसा
जो
है
सब
इनसे
ही
है
कुछ
नंबर
हैं
जिन
पर
मैंने
अक्सर
फोन
लगाया
है
Pratap Somvanshi
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या
तेरे
अलावा
भी
किसी
शय
की
तलब
है
या
अपनी
मोहब्बत
पे
भरोसा
नहीं
हम
को
Shahryar
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यक़ीन
उसने
दोबारा
बना
लिया
लेकिन
वो
मेरे
ज़ेहन
से
धोखा
नहीं
निकाल
सका
Vikram Gaur Vairagi
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अपने
साथ
लिए
जाता
है
आँखों
को
और
कानों
को
कुछ
लोगों
के
जाने
का
सन्नाटा
ऐसा
होता
है
Aatish Alok
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मैं
हर
किसी
को
तेरे
नाम
से
बुलाता
हूँ
बिछड़
के
तुझ
सेे
अजब
रोग
लग
गया
है
मुझे
Aatish Alok
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एक
परिंदा
मर
गया
ये
शाप
देकर
नेटवर्कों
में
फँसोगे
तुम
भी
एक
दिन
Aatish Alok
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इसलिए
भी
तू
कभी
मेरा
न
होगा
जान
ले
जो
मेरा
है
दोस्त
वो
बस
मेरा
होना
चाहिए
Aatish Alok
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घाव
मेरे
हरा
करे
कोई
क्यूँ
तुम्हें
बद्दुआ
करे
कोई
कैसे
कैसों
के
हाथ
आई
है
इश्क़
तेरा
भला
करे
कोई
बे-कली
ख़त्म
होती
जाती
है
ज़ख़्म
को
फिर
हवा
करे
कोई
शर्त
है
क़त्ल
हो
मेरा
और
ये
काम
भी
बे-वफ़ा
करे
कोई
रूह
छालों
से
भर
गई
हो
जब
ज़ख़्म
से
ही
सजा
करे
कोई
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Aatish Alok
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